उत्तर प्रदेशराज्य

सरल भाषा में विज्ञान की प्रस्तुति कर प्रदेश में बनाया स्थान

गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा दिया जाता है। गुरुजन उस दायित्वों को आज भी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। क्षमता का प्रयोग कर विद्यार्थियों को बेहतर मार्ग दर्शन कर रहे हैं। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जिले के दो शिक्षक मिसाल बन रहे हैं। एक शिक्षिका ने जहां विज्ञान की सरल भाषा में प्रस्तुति कर विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय आसान कर दिया। वहीं दूसरे ने ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति सोच बदलने का कार्य किया है।

शहर के राजकीय इंटर कालेज में तैनात रसायन विज्ञान की शिक्षिका अंजलि सिंह को परिवार से देश सेवा और दायित्वों की प्रेरणा मिली। इसे विद्यार्थियों में भी देखना चाहती हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जब ऑनलाइन शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों से वीडियो क्लिपिग मांगी गई तो अंजली ने भी रसायन विज्ञान में अपनी सोच के साथ वीडियो तैयार किए। विज्ञान के उदाहरण के रूप में अपने आसपास होने वाली गतिविधियों को शामिल किया। प्रस्तुति को जिला, प्रदेश स्तर पर सराहा गया और एनसीईआरटी ने मानक के अनुरूप मानते हुए ऑनलाइन शिक्षण कार्य में शामिल कर लिया है। जो प्रदेश के विद्यार्थी शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

पीबीआर इंटर कालेज के रसायन विज्ञान के प्रवक्ता प्रदीप नारायण मिश्र ने विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की सोच बदल दी है। वह विज्ञान विषय को लोकप्रिय बनाने व वैज्ञानिक चेतना का संचार करने का कई वर्षों से कार्य कर रहे है। उन्होंने बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान सिखाने के साथ ही बच्चों व आम जनमानस के बीच अन्धविश्वास को वैज्ञानिक तथ्यों व प्रयोगों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें विज्ञान तकनीकी के प्रति प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में रिसोर्स पर्सन व गाइड शिक्षक, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विज्ञान रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य कर जिले का गौरव बढ़ाया। विज्ञान के प्रति योगदान के लिए वर्ष 2018 में विज्ञान शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

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