उत्तर प्रदेशराज्य

मोहर्रम के जुलूस पर कोई पाबंदी नहीं-योगी 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्रदेश के विकास से लेकर कानून व्यवस्था तक खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राज्य तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। 2030 तक यह देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसकी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर होगी। सीएम ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके आठ साल के कार्यकाल के दौरान, उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। पिछले कुछ दशकों में राज्य के विकास की उपेक्षा करने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की।

हमें विश्वास है 2029-30 तक लक्ष्य हासिल कर लेंगे

उन्होंने कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर थी। 2016-17 में यह राष्ट्रीय औसत के एक तिहाई तक कम हो गई। हम इसे 2016-17 के स्तर से दोगुना करने में सफल रहे हैं। मेरे आकलन के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था होगी। सीएम ने कहा कि हमने एक समय सीमा तय की है और जिस तरह से हम विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, हमें विश्वास है कि हम 2029-30 तक अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

मैं खुद को विशेष नहीं मानता

आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारतीय परंपरा धर्म को स्वार्थ से नहीं जोड़ती है। क्या वह खुद को एक धार्मिक व्यक्ति या एक राजनीतिक नेता के रूप में अधिक मानते हैं? इस पर सीएम ने जोर देकर कहा, “मैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं और खुद को विशेष नहीं मानता। एक नागरिक के रूप में, मेरे संवैधानिक कर्तव्य पहले आते हैं। “मेरे लिए, राष्ट्र सर्वोपरि है। अगर देश सुरक्षित है, तो मेरा धर्म सुरक्षित है। जब धर्म सुरक्षित है, तो कल्याण का मार्ग अपने आप खुल जाता है।”

नाम नहीं… काम से याद किया जाए

यह पूछे जाने पर कि वह कैसे चाहते हैं कि उन्हें या उनकी विरासत को याद किया जाए? इस पर सीएम ने जबाव दिया कि दूसरों को उन्हें याद करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह हमेशा मौजूद हैं। उन्होंने आगे कहा, “नाम नहीं बल्कि काम को याद रखना चाहिए। किसी की पहचान उसके काम से होनी चाहिए, नाम से नहीं। उन्होंने कहा मैं वर्तमान में जी रहा हूं।

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