उत्तर प्रदेशलखनऊ

 सभी जिलों को मिली एक-एक और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस

 स्वतंत्रदेश ,लखनऊसरकार की एंबुलेंस बेड़े में मंगलवार को 2554 नये एंंबुलेंस शामिल किए गए। जिन्हें उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नये एंबुलेंस के आने पर 2429 पुरानी एंबुलेंस को सेवा से बाहर कर दिया गया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या में 125 की वृद्धि हुई है, जिसमें से प्रत्येक जिले में इन एंबुलेंस की संख्या एक-एक बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पाट जिले (दुर्घटना बाहुल्य) में एक-एक अतिरिक्त एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस दी गई हैं।

102 एंबुलेंस सेवा के 1224, 108 एंबुलेंस सेवा के 1087 तथा एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा के 118 एंबुलेंस पुरानी हो गई थीं। इनकी जगह 2429 नई एंबुलेंस सेवा में लगाई गई हैं। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या जो अब तक 250 थी उसमें 125 की वृद्धि हुई है। प्रदेश में अब तीनों श्रेणी के एंबुलेंसों की कुल संख्या 4845 हो गई है।इंदिरा नगर स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान से मंगलवार को एंबुलेंसों को रवाना करने के साथ संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम नहीं किए।2017 से पहले स्वास्थ्य विभाग की स्थिति क्या थी, यह किसी से छिपी नहीं है। अब आमजन को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 विभागों के संयुक्त प्रयास और जागरूकता से हम डेंगू, मलेरिया जैसे रोगों को हराएंगे।उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एंबुलेंस जनता को समर्पित करने का यह कार्यक्रम विश्व में पहली बार हुआ है। एंबुलेंस के सबसे कम रिस्पांस टाइम में यूपी देश में पहले नंबर पर है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डेंगू, मलेरिया, जैपनीज इंसेफेलाइटिस, दिमागी बुखार जैसे रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित 13 विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। अभियान एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा। जिसमें 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलेगा। 2017 की तुलना में एईएस (एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) रोगियों की मृत्यु दर में 98 प्रतिशत तथा जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) के रोगियों की मृत्यु दर में 97 प्रतिशत की कमी आई है।कार्यक्रम में विधायक नीरज बोरा व ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान व पवन सिंह चौहान, स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु महेश्वरी, एनएचएम की मिशन निदेशक डा. पिंकी जोएल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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