यूपी में सख्त हुए नियम; इन तीन चरणों में होगी कार्रवाई
स्वतंत्रदेश,लखनऊराजस्व परिषद ने एंटी भू-माफिया के तहत कार्रवाई के लिए और सख्त नियम बनाए हैं। परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने इस संबंध में जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। उन्होंने जारी निर्देशों में स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था के तहत एंटी भू-माफिया पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतें सीधे एसडीएम को स्थानांतरित हो जाएंगी।

कार्रवाई के लिए तीन चरण बनाए गए हैं। पहले चरण में एसडीएम व डीएम स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरे चरण में पुलिस अधीक्षक व पुलिस आयुक्त के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। तीसरे चरण में राजस्व परिषद, प्रमुख सचिव व पुलिस महानिदेशक स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शासकीय या सार्वजनिक उपक्रम की भूमि पर कब्जे, चकरोड पर कब्जे, तालाब पर कब्जे, खलिहान, चारागाह, निजी आवासीय भूमि, फर्जी बैनामे के आधार पर नामांतरण, कृषि व पट्टे की भूमि, सार्वजनिक भूमि, निजी भूमि व अन्य श्रेणी में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा लोगों को दी गई है। पहले शिकायत दर्ज होने पर लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों के स्तर पर कार्रवाई की व्यवस्था बनाई थी, लेकिन कई बार शिकायतें लंबित रहती थीं।राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा चिकित्सा संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की कमी जल्द दूर होगी। इनकी भर्ती के लिए प्रस्तावित मेडिकल बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए ले जाने की तैयारी है।उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल भर्ती बोर्ड के गठन के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव वित्त, कार्मिक व अन्य विभागों के पास संस्तुति के लिए भेजा गया है। बताया जाता है कि वित्त विभाग ने प्रस्ताव में वर्णित कुछ बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा है।इस जवाब के मिल जाने पर वित्त विभाग से यह प्रस्ताव पास हो जाएगा। विभागों की संस्तुति मिल जाने पर बोर्ड के गठन प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। यह समस्त प्रक्रिया बहुत जल्द पूरी करने की तैयारी है जिससे एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती तेजी से की जा सके।बोर्ड का गठन हो जाने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती लोक सेवा आयोग से न कराकर बोर्ड के माध्यम से ही होगा। अभी विभाग द्वारा इन पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा जाता हैं। आयोग के पास काम की अधिकता होने से इन पदों पर भर्ती तेजी से नहीं हो पाती है।