उत्तर प्रदेशलखनऊ

जुड़ेंगे 25 मेडिकल कॉलेजों के प्लाज्मा बैंक

स्वतंत्रदेश,लखनऊ : कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलों में मरीजों को समय रहते इसकी उपलब्धता के लिए सरकार ने प्रदेश के 25 निजी और सरकारी मेडिकल कालेजों में प्लाज्मा बैंक बनाने का फैसला किया है। इसके लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) को नोडल सेंटर नामित किया गया है।

नहीं चलेगी मनमानी सभी मानकों की होगी मॉनीटरिंग। कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए कदम। सरकार ने प्रदेश के 25 निजी और सरकारी मेडिकल कालेजों में प्लाज्मा बैंक बनाने का फैसला किया है।

प्रदेश में बड़ी तादाद में मरीज कोरोना से उबर रहे हैं। सिर्फ लखनऊ में ही 55 हजार से अधिक मरीजों ने वायरस को मात दी है। लिहाजा, अब प्लाज्मा थेरेपी से अन्य मरीजों के इलाज पर ज्यादा जोर है। इसके लिए बड़े पैमाने पर प्लाज्मा संग्रह करने के प्रयास हो रहे हैं। इसी के चलते प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों के ब्लड बैंकों में प्लाज्मा बैंक बनाए जा रहे हैं। मानक निर्धारण की जिम्मेदारी केजीएमयू को सौंपी गई है।

कर्मचारियों को जल्द मिलेगी ट्रेनिंग

ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डा. तूलिका चंद्रा के मुताबिक, इस फैसले से राज्य में हजारों यूनिट प्लाज्मा संग्रह किया जा सकेगा। जल्द ही स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी।

अभी आठ प्लाज्मा बैंक फिलहाल संचालित

डा. तूलिका के मुताबिक अभी राज्य में आठ प्लाज्मा बैंक संचालित हैं। केजीएमयू समेत तीन लखनऊ में हैं। एक नोएडा, दो ग्रेटर नोएडा, एक कानपुर व एक आगरा में है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में रिपीट प्लाज्मा डोनेशन भी शुरू हो गया है। यानी एक बार प्लाज्मा दान कर चुके व्यक्ति दोबारा भी दान कर सकते हैं। पहले डोनर से 500 एमएल प्लाज्मा लिया जाता था। अब सिर्फ 400 एमएल ही संग्रह किया जा रहा है।

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