नैमिषारण्य के कायाकल्प का मास्टर प्लान तैयार
स्वतंत्रदेश,लखनऊ:प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को सजाने और संवारने का काम जल्द शुरु होने जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत सीतापुर के नैमिषारण्य और मिश्रिख-नीमसार का कायाकल्प किया जाना है। इसके तहत पर्यटन विभाग नैमिषारण्य को वैदिक शहर, आध्यात्मिक, धार्मिक और इको टूरिज्म के एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने जा रहा है।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में नैमिषारण्य को पौराणिक महत्व के अनुरूप आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने का निर्णय हुआ था। साथ ही यहां नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के गठन का भी निर्णय लिया गया था।
धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प
मुख्य सचिव के समक्ष पर्यटन विभाग की ओर से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ की आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग फैकल्टी ने प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें नैमिषारण्य के विकास का पूरा मास्टर प्लान समझाया गया। इसके तहत नैमिषारण्य को इसके प्राकृतिक और मानव निर्मित विविध स्रोतों के कारण 4 टूरिज्म जोन में बांटा गया है। बैठक के दौरान पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि यहां बने मां ललिता देवी मंदिर में कई द्वार हैं और फ्रंट में कई दुकानों की वजह से यहां जाम की स्थिति रहती है। इस पर काम किया जाएगा।