सदन में गतिरोध बरकरार
स्वतंत्रदेश,लखनऊ; संसद का मानसून सत्र जब से शुरू हुआ है तब से ही दोनों सदनों में हंगामा बरपा हुआ है। हंगामे की सबसे बड़ी वजह दो से तीन मुद्दे बने हैं। इनमें पहला मुद्दा पेगासस जासूसी कांड है। दूसरा मुद्दा किसानों का है और तीसरा मुद्दा असम-मिजोरम सीमा तनाव है। विपक्ष लगातार पेगासस मुद्दे पर चर्चा को लेकर दबाव बना रहा है जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।

सरकार का कहना है कि विपक्ष को उन मुद्दों पर चर्चा में सहयोग देना चाहिए जो मुद्दे जनता से सीधेतौर पर जुड़े हैं और जनहित के हैं। सोमवार को भी दोनों सदनों की कार्यवाही इन मुद्दों पर शोर-शराबे के बाद कई बार स्थगित करनी पड़ी थी। भाजपा के संसदीय दल की भी बैठक आज हुई है। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं।राहुल गांधी आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आए उछाल के खिलाफ सदन साइकिल से पहुंचे हैं। इससे पहले वो एक दिन ट्रेक्टर से सदन में पहुंचे थे।
- विपक्ष के हंगामे के बाद राज्य सभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
- केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन का कहना है कि विपक्ष सदन का लगातार अपमान कर रहा है। विपक्ष के नेता मंत्रियों के हाथों से दस्तावेजों को छीनकर हवा में उछालते हैं।
- केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन के उस ट्वीट का खंडन किया है जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ गलत बयानबाजी की थी। उनका कहना है कि ये लोग इस तरह से देश की उस जनता का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने उन्हें चुनकर संसद में भेजा है। हवा में पेपर फाड़कर उछालने वाले अपनी गलती के लिए शर्मिंदा भी नहीं हैं। ऐसे में पीएम मोदी क्या कहेंगे।
- कांग्रेस सांसद रिपुण बोरा ने नियम 267 के तहत राज्य सभा में असम-मिजोरम सीमा पर फैले तनाव पर चर्चा कराने का नोटिस दिया है।
- कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी पेगासस जासूसी कांड पर चर्चा का नोटिस दिया है।
- सीपीआई सांसद विस्वाम ने भी राज्य सभा में नियम 267 के तहत बिजनेस सस्पेंड कर पेगासस मामले में चर्चा का नोटिस दिया है।
- कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी इसी नियम के तहत अन्य मुद्दों को छोड़ किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने का नोटिस राज्य सभा में दिया है।