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मुफ्त में बढ़ेगी एक लाख यात्रियों के ‘गो स्मार्ट कार्ड’ की वैधता

मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी है। लखनऊ मेट्रो ने गो स्मार्ट कार्ड धारकों  को सुविधा देते हुए कार्ड की वैधता बढ़ाने पर अब कोई शुल्क कोरोना कॉल में नहीं लेगा। अब तक वैधता खत्म होने  पर पचास रुपये काउंटर पर देकर कार्ड की वैधता बढ़वानी होती थी। हालांकि यह पचास रुपये यात्री के गो स्मार्ट कार्ड की राशि में जुड़ जाते थे और वह इन पैसों का इस्तेमाल मेट्रो के सफर में कर सकता था। अब एक लाख गो स्मार्ट कार्ड धारक यात्री अपने कार्ड  की वैधता बढ़ाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। लखनऊ मेट्रो ने ऐसे सभी गो स्मार्ट  कार्ड धारकों को मुफ्त में वैधता बढ़ाने  की  छूट दे दी है।

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की मंशा है कि यात्री टोकन कम से कम ले और गो स्मार्ट  कार्ड से ही मेट्रो का सफर करे। इससे यात्री को हर यात्रा पर दस फीसद की छूट मिलेगी और उसे काउंटर पर खड़े होकर टोकन नहीं लेना होगा, इससे उसका समय भी बचेगा। 

गो स्मार्ट कार्ड धारक को याद रखना होगा कि अगर वह कार्ड लेकर सफर कर रहा है तो उसकी वैधता जांचने के लिए उसे काउंटर  पर चेक करा ले, अगर एक साल हो गए हैं और उसकी वैधता खत्म हो गई तो काउंटर पर मुफ्त में उसकी वैधता एक साल के लिए बढ़वा सकता हैं। इसके निर्देश नार्थ साउथ कॉरिडोर के सभी 21 स्टेशनों पर दिए गए हैं कि यात्रियों के कार्ड की वैधता संपर्क करने पर बढ़ाई जाए। यात्री कार्ड की वैधता बढ़वाने के बाद गो स्मार्ट कार्ड को मेट्रो की वेबसाइट पर जाकर रिचार्ज कर सकता है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि पहले की टोकन भी यात्रियों को मिलेंगे। यात्री टोकन से भी यात्रा कर सकता है। इसके लिए हर मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 

गो स्मार्ट कार्ड से सह यात्री का खरीद सकेंगे टोकनगो स्मार्ट कार्ड के कई फायदे हैंलखनऊ मेट्रो इन्हीं फायदों में से एक फायदा यात्रियों को और देने जा रहा है कोरोना जैसी महामारी के दौरान अगर गो स्मार्ट कार्ड धारक का कोई मित्र या जानने वाला नगदी के लेनदेन से बचना चाहता है तो वह गो स्मार्ट कार्ड से स्टेशनों पर लगी मशीनों व काउंटर से टोकन लेकर अपने सह यात्री को यात्रा करा सकता है। संबंधित यात्री के शेष राशि से पैसा कट जाएगा और कार्ड में शेष राशि का ब्योरा दर्ज मोबाइल नंबर पर आए जाएगा। मेट्रो का अधिकतम टिकट साठ रुपये का है।

गो स्मार्ट कार्ड की वैधता के लिए जो शुल्क पचास रुपये लिया जाता था, वह फिलहाल खत्म कर दिया गया है। यात्रियों को कार्ड की वैधता बढ़ाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। वर्तमान में एक लाख से अधिक गो स्मार्ट कार्ड धारक मेट्रो के हैं। सवा पांच माह पहले तक 35 हजार से अधिक यात्री गो स्मार्ट कार्ड का प्रयोग करते थे। 

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