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एक मशीन और तीन काम,दफ्तरों के लिए बड़े काम का है

फैक्ट्रियों, संस्थानों, दफ्तरों में कोरोना से बचाव बहुत जरूरी है, सभी जगह जिम्मेदारों ने तरह तरह से इंतजाम भी किए हैं। गेट पर गार्ड हर आने वाले की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज कर रहे हैं। ऐसे में गार्डों को भी खतरा बना रहता है, यदि वह चपेट में आता है तो संक्रमितों की चेन लंबी होने की संभावना रहती है। इस समस्या को अब शहर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र ने दूर कर दिया है। उन्होंने एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो दफ्तरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों के लिए बड़ी काम की है।

कोरोना से बचाव के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है और देशभर में शोध भी जारी है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र प्रणव कंसल ने भी एक बॉक्स तैयार किया है, जिससे ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन के साथ ही थर्मल मेजरमेंट (बुखार की जानकारी) और काउंटिंग (सार्वजनिक जगहों पर गिनती) एक सािा की जा सकेगी और सुरक्षा के प्रबंध पुख्ता किए जा सकेंगे। वह प्रोटोटाइप मॉडल को पेटेंट कराने की तैयारी कर रहे हैं।

एक बॉक्स से सभी काम

अब तक सैनिटाइजेशन, शरीर के तापमान की जांच के लिए इंफ्रारेड थर्मामीटर और आने-जाने वालों की संख्या की जानकारी के लिए अलग- अलग उपकरण आते रहे हैं। इनके लिए खर्च भी कुछ ज्यादा करना पड़ता है। प्रणव के मुताबिक उनके एक ही बॉक्स से सारे काम हो जाएंगे। सैनिटाइजेशन के लिए एल्कोहल या हर्बल सैनिटाइजर का उपयोग किया जा सकेगा। शरीर का ताप जानने के लिए बॉक्स के सामने महज दो से तीन सेकेंड खड़ा होना पड़ेगा। काउंटिंग के लिए बाक्स में खास तरह की एलईडी लगाई गई है।

10 हजार रुपये तक आई लागत

गाजियाबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र प्रणव कंसल के पिता प्रो. प्रवीण कंसल यूपीटीटीआइ में फैकल्टी हैं। प्रणव बताते हैं कि बॉक्स और उसका सर्किट तैयार करने में 10 हजार रुपये तक की लागत आई है। बड़े मॉल या फिर अन्य सार्वजनिक जगहों पर और बड़े बॉक्स की आवश्यकता पड़ेगी।

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