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120 की रफ्तार भर सकेंगे वाहन,यूपी के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के दूसरे व चौथे खंड के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) पर गति सीमा निर्धारित हो गई है। अब एक्सप्रेस-वे के इन दोनों खंड पर वाहन 120 किमी प्रति की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चार खंड में पहला खंड निजामुद्दीन से यूपी गेट आठ किलोमीटर, दूसरा खंड यूपी गेट से डासना 19 किलोमीटर, तीसरा खंड डासना से हापुड़ 22 किलोमीटर व चौथा खंड डासना से मेरठ तक 32 किमी का है

एक्सप्रेस-वे का पहला और तीसरा खंड का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद इन पर वाहन दौड़ने लगे हैं। बाकी दूसरे व चौथे खंड पर निर्माण कार्य चल रहा है। इन पर 31 दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होना है। एनएचएआइ ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही वाहनों की गति सीमा भी तय कर दी है। दूसरे खंड में 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चलाने का अनुबंध है, जिसे बढ़ाकर 120 किमी किया गया है। इस समय दिल्ली में पहले खंड पर वाहन 70 किलोमीटर की गति पर चल रहे हैं, इसे भी 120 किलोमीटर प्रति घंटा करने की तैयारी है। इसके लिए दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस से वार्ता हुई है। दिल्ली सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक पहले 40 से 50 किलोमीटर की गति थी, जिसे बढ़ाकर 70 किमी प्रति घंटा किया जा चुका है।

एक्सप्रेस-वे पर होगा स्वचालित टोल प्लाजा व कंट्रोल रूम दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर स्वचालित टोल विकसित किया जा रहा है, जो ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग (एएनपीआर) से टोल वसूलेगा। वाहन चालकों को टोल पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसा होने से टोल पर जाम की स्थिति नहीं होगी।

चौथे खंड में सड़क किनारे बनाई जा रही दीवार

मेरठ एक्सप्रेसवे का चौथा खंड 14 लेन का है। यह खंड जंगल से निकल रहा है। इसलिए सड़क हादसे रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दीवार बनाई जा रही है ताकि पशु सड़क पर ना आ जाएं।

मुदित गर्ग (परियोजना निदेशक एनएचआइ) का कहना है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम तेजी के साथ चल रहा है। पहले और तीसरे चरण का कार्य पूरा हो चुका है। इस पर वाहनों की गति सीमा 100 किमी से बढ़ाकर 120 किमी प्रति घंटा की गई है। हालांकि इसमें ट्रक की गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा ही होगी। दूसरे व चौथे खंड के लिए निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जो 31 दिसंबर 2020 तक यह कार्य पूर्ण हो जाएगा। इस पर भी गति 120 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

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