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धार्मिक पर्यटन का हब बनी अयोध्या

स्वतंत्रदेश ,लखनऊराम नगरी अयोध्या धार्मिक पर्यटन का हब बन चुकी है। रामलला के दरबार में रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन को पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु रामलला को भक्तिभाव से निधि भी समर्पित करते हैं। बहुत से श्रद्धालु सोना-चांदी व अन्य धातुओं का भी समर्पण करते हैं। पिछले चार माह (नवंबर से फरवरी) में रामलला को 83.333 किग्रा चांदी व 2.371 किग्रा सोना प्राप्त हो चुका है। महाकुंभ मेले के दौरान दो माह यानी जनवरी व फरवरी में रामलला को 28 किलो ग्राम चांदी व डेढ़ किलो ग्राम सोना दान में प्राप्त हुआ है।नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से आए निर्णय के बाद राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। पांच अगस्त 2020 को राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।

राम मंदिर निर्माण शुरू हुए साढ़े चार साल हो गए हैं। अब तक राम मंदिर का 96 फीसदी काम पूरा भी हो चुका है। रामलला के दरबार में रोजाना लाखों श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु दिल खोलकर रामलला को विभिन्न माध्यमों जैसे नगदी, ऑनलाइन, आरटीजीएस, चेक आदि से दान अर्पित करते हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण व अन्य धातु भी दान में अर्पित करते है।पिछले चार माह में रामलला को 83.333 किग्रा चांदी व 2.371 किग्रा सोना दान के रूप में प्राप्त हो चुका है। प्रयागराज महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं ने रामलला को दिल खोलकर नगदी व सोना-चांदी का दान अर्पित किया है। जनवरी 2025 में 13.370 किग्रा चांदी व 274 ग्राम सोना दान में मिला है। जबकि फरवरी में 28.170 किग्रा चांदी व 1.274 किग्रा सोना प्राप्त हुआ है। इसे भी गलाने के लिए मिंट हैदराबाद भेजा जाएगा।

चांदी की 20 ईंटें बनवाई गई
– रामलला को पिछले चार सालों में 13 क्विंटल चांदी व 20 किलो सोना मिला है। भारत सरकार की संस्था मिंट (सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को परीक्षण के लिए 9.44 क्विंटल चांदी दी गई थी। परीक्षण में चांदी की गुणवत्ता 94 फीसदी शुद्ध पाई गई। 9.44 क्विंटल चांदी गलाने के बाद 8.49 क्विंटल चांदी शुद्ध मिली। जिसकी 20 चांदी की ईंटें बनाकर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। इन ईंटों को ट्रस्ट के लॉकर में सुरक्षित रखवाया गया है।

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