प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, राहत और बचाव में जुटी फोर्स
स्वतंत्रदेश,लखनऊप्रयागराज में गंगा और यमुना उफान पर हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में हो रही भारी के चलते जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। माता टीला बांध से गंगा में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाे का असर भी गंगा में दिख रहा है। संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर जलमग्न हो गया है। इसके बाद बाढ़ का पानी और शहर के निचले इलाके में प्रवेश करने लगा है। तराई इलाकों में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। गंगापार और यमुनापार के इलाकों में बाढ़ का भारी असर देखने को मिल रहा है। बदरा सोनौटी समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। झूंसी में गंगा के तट पर स्थित बदरा सोनौटी समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दशाश्वमेध घाट पर सड़क पर आया पानी
दशाश्वमेध गंगा घाट पर बाढ़ का पानी सड़क पर आ गया है। काशी विश्वनाथ समेत अन्य मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए कांवड़िए इसी घाट पर जल उठाते हैं। यहां पर बाढ़ के चलते सड़कें लबालब हो गई हैं। दुकानदार अपना सामान समेटकर दूर चले गए हैं।
बाढ़ के चलते करेली इलाके के कई मुहल्ले जलमग्न हो गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पानी भर जाने के कारण लोग घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं। करेली में ससुरखदेरी नदी में उफान के चलते बाढ़ आया है।
करेली में नई आबादी के इर्दगिर्द बने आवासीय इलाकों में इस बार जलभराव अधिक हो रहा है। इसका कारण ये है की कुछ जगहों पर पूर्व सांसद अतीक अहमद के गुर्गों द्वारा बड़े नाले को पाट कर वहां प्लाटिंग कर दी गई है। गुर्गे अभी जेल में हैं और कुछ फरार हैं। गुर्गों की कारस्तानी का खामियाजा यहां के स्थानीय लोगों को भुगतान पड़ रहा है।