उत्तर प्रदेशराज्य

किसान संगठनों का हल्लाबोल-सड़कों पर पुआल जलाकर की आगजनी

संसद में पास हुए तीन कृषि विधेयकों का विरोध अब सड़कों पर जोर पकड़ने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। इस दौरान चक्का जाम भी किया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ, बाराबंकी, मेरठ, शामली समेत कई जिलों में कृषि बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हो रहा है। इस दौरान किसान नेताओं ने कहीं रोड पर जाम लगाया तो कहीं आगजनी भी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि केंद्र के इस बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। किसानों ने कहा कि तीनों विधेयक वापस लिए जाने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

कृषि बिल के खिलाफ शुक्रवार को किसान संगठनों ने पूरे यूपी में जगह जगह प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगह सड़कों पर पुआल जलाकर आगजनी की गई।

किसान नेता आशू चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार आनन-फानन में जो ये कृषि अध्यादेश लेकर आई है, हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये अध्यादेश किसानों के हित में है, तो इसे लागू करने से पहले किसानों से बात की जाती। फिर सभी की सहमति के बाद इसे लागू किया जाता।

आशू ने कहा कि इतने सालों से देश का किसान अपने किसान आयोग की मांग कर रहा है, लेकिन उसपर ध्यान न देकर इस अध्यादेश को लागू किया गया है। आशू ने कहा कि किसानों का आरोप है कि केंद्र के इस बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। किसानों ने कहा कि तीनों विधेयक वापस लिए जाने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

किसान नेता आशू चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार आनन-फानन में जो ये कृषि अध्यादेश लेकर आई है, हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये अध्यादेश किसानों के हित में है, तो इसे लागू करने से पहले किसानों से बात की जाती। फिर सभी की सहमति के बाद इसे लागू किया जाता।

आशू ने कहा कि इतने सालों से देश का किसान अपने किसान आयोग की मांग कर रहा है, लेकिन उसपर ध्यान न देकर इस अध्यादेश को लागू किया गया है। आशू ने कहा कि किसानों का आरोप है कि केंद्र के इस बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। किसानों ने कहा कि तीनों विधेयक वापस लिए जाने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

कृषि अध्यादेश के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम किया है। नेशनल हाइवे 709 बी पर ट्रेक्टर ट्रॉली लेकर पहंचे किसान हाइवे पर बैठकर हुक्का पीते नज़र आए। इस दौरान किसानों ने मोदी सरकार मुर्दाबाद के जमकर लगाए नारे लगाए। वहीं बड़ौत-बागपत-खेकड़ा-रमाला-टटीरी विभिन्न जगहों पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों की भी तैनाती दिखाई दी।

Tags

Related Articles