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13 अक्टूबर तक होगी प्रवेश परीक्षा, 15 अक्टूबर से शुरू होगा नया सत्र Gorakhpur News

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन रविवार को तीन महत्वपूर्ण बैठकें कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। पहली बैठक कुलपति ने अपने आवास पर प्रवेश परीक्षा और सत्रारंभ को लेकर की। बैठक में तय हुआ कि व्यापक एकेडमिक और परीक्षा कैलेंडर बनाकर 11 अक्तूबर को आयोजित एकेडमिक कौंसिल की बैठक में पास कराया जाएगा।

स्नातक एवं स्नातकोत्तर की सभी प्रवेश परीक्षाएं 13 अक्तूबर तक करा लिए जाएंगी और नया सत्र हर हाल में 15 अक्तूबर से शुरू कर दिया जाएगा। इस बैठक में स्नातक प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रतिनिधि प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, परास्नातक समन्वयक प्रो. विजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, ईडीपी सेल प्रभारी प्रो. विनय कुमार सिंह और कुलसचिव डॉ. ओम प्रकाश मौजूद रहे।

गेस्ट हाउस में चलेगा होटल मैनेजमेंट का कोर्स

दूसरी बैठक में कुलपति प्रो. सिंह ने विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस के प्रभारी प्रो. मानवेन्द्र प्रताप सिंह एवं अन्य सहायक शिक्षकों से गेस्ट हाउस के माध्यम से होटल मैंनेजमेंट एंड कैटरिंग के प्रोफेशनल के कोर्स शुरू करने पर चर्चा की। इंस्टीच्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग एंड फूड साइंसेज कोर्स को प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में स्थापित करने पर विचार हुआ। कुलपति ने तीन दिन में इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया।

स्थापित होगा प्रेस, पब्लिकेशन एवं पब्लिसिटी सेल

मीडिया व जनसंपर्क अधिकारी तथा उनके सहयोगियों के साथ हुई तीसरी बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय में एक प्रेस, पब्लिकेशन एवं पब्लिसिटी सेल स्थापित करने का निर्देश दिया। इस सेल के मार्गदर्शन में एनआइआरएफ रैकिंग, कोविड-19 का सर्वे, विश्वविद्यालय का पाक्षिक न्यूज पेपर एवं साल में तीन न्यूज लेटर निकाले जाने पर सहमति बनी।

नई शिक्षा नीति से शिक्षा के स्तर में आएगा सुधार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा है कि नई शिक्षा नीति भारत के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार और समानता का मार्ग प्रशस्त करेगी। पहली बार शिक्षा नीति में खेलों को वरीयता दी गई है। फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य बना दिया गया है। इससे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में रुचि बढ़ा सकेंगे और शारीरिक और मानसिक तनाव से पार पा सकेंगे। प्रो. अजय डेली डायरी आफ लाॅ और यूथ पाॅवर एसोसिएशन की ओर से नई शिक्षा नीति पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में छात्रों सोचने की क्षमता का विकास होगा। डाॅ. मनीष पांडेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शिखा का दृष्टिकोण सामाजिक होगा। संगोष्ठी को प्रमोद त्रिपाठी, नवीन शुक्ला, नवनीत शुक्ला, निष्ठा मणि त्रिपाठी आदि ने भी संबोधित किया।

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