सीने पर चाकू मारने के बाद भी नहीं हुई थी मौत तो मुस्कान ने पार की हदें
स्वतंत्रदेश ,लखनऊमेरठ के सौरभ हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया है। टुकड़ों में काटे गए सौरभ का बुधवार की शाम पुलिस की मौजूदगी में गढमुक्तेश्वर के बृजघाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सीने पर वार करने के बाद भी सौरभ की मौत नहीं हुई थी। उस समय तक भी वह जिंदा था। बाथरूम में गर्दन कटने पर सौरभ ने दम तोड़ दिया। उसके शरीर पर चाकू से करीब दस वार किए गए। बता दें, पुलिस ने दोनों आरोपियों मुस्कान और साहिल को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पहले परिवार को गुमराह किया, फिर टूट गई मुस्कान
सौरभ की हत्या को लेकर मुस्कान पहले परिवार को भी गुमराह करती रही। साहिल के साथ 13 दिन के टूर से लौटने के बाद मुस्कान घर पहुंचकर रोने लगी। दरअसल, उसकी बेटी पीहू बार-बार पापा के पास जाने की जिद कर रही थी। मुस्कान को रोते हुए मां कविता रस्तोगी ने पूछा तो उसने बताया कि सौरभ इस दुनिया में नहीं रहे। झूठ बोल दिया कि सौरभ मुझसे तलाक लेना चाहता था। इसलिए उसके परिवार ने हत्या कर दी। मुस्कान की चालाकी को कविता समझ रही थी।

कविता और प्रमोद रस्तोगी ने मुस्कान को भरोसा दिलाया कि उसका साथ देंगे। तब मुस्कान ने बताया कि साहिल के साथ मिलकर उसने सौरभ को मार दिया। इसके बाद दंपती के पैरों तले से मानो जमीन खिसक गई। तभी मुस्कान को लेकर थाने पहुंच गए। पुलिस ने उनकी कहानी सुनकर साहिल की धरपकड़ को उसके घर पर दबिश डाली। उस समय साहिल को मामले की जानकारी हो गई थी, जो कपड़े पहनकर भागने की फिराक में था। तभी साहिल को दबोचकर पुलिस थाने ले आई।सौरभ की हत्या करने के बाद शव को पन्नी में लपेटकर बैग के अंदर रखा गया था। बैग को ड्रम में डालने के बाद ऊपर से सीमेंट से सील कर दिया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस पर ड्रम को साइड से काटा। उसके बाद ड्रम के नीचे के हिस्से में बैग दिखाई दिया। ऊपर से सीमेंट को कटर से काट दिया। उसके बाद बैग के अंदर से शव को निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया।