उत्तर प्रदेशराज्य

विश्व डाक दिवस

स्वतंत्रदेश,लखनऊ : डाकघर अब वक्त के साथ कदमताल कर रहे हैं। चिट्ठियां लाने का दौर बीत चुका है। नए दौर में अब डाकघरों के जरिए सैनिटाइजर की बिक्री भी की जा रही है। इसके अलावा गंगाजल, एलईडी बल्ब भी लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

कभी घर-घर डाक पहुंचाने वाले डाकिये और डाकघर अब बैंक की तरह काम कर रहे हैं। कोरोना काल में विभाग की आधार इनएबेल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) तो लोगों के लिए वरदान बन गई। घर बैठे ही लोगों ने इसके माध्यम से लाखों रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा सैनिटाइजर, गिलोय वटी भी विभाग बेच रहा है।

बदल गया दौर, चिट्ठी नहीं अब डाकिए लाते हैं सैनिटाइजर, गंगाजल और गिलोय वटी

 

जिले में डाक विभाग का एक एटीएम

पोस्ट मास्टर अशोक शर्मा ने बताया कि प्रधान कार्यालय बड़ौत में डाक विभाग का एटीएम है। जिन उपभोक्ताओं डाक विभाग के अलावा बैंक में खाता है, वही भी बैंक के एटीएम से धन की निकासी कर सकते हैं।

बागपत जिले में डाक विभाग की 146 ब्रांच

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में प्रधान कार्यालय बड़ौत के अलावा बागपत में मुख्य डाकघर तथा 16 उपमुख्य डाकघर तथा 146 ब्रांच है। सभी उपमुख्य डाकघर व ब्रांचों पर योजनाओं के संबधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 246 डाकघर कर्मी कार्यरत हैं।

 

 

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