उत्तर प्रदेशराज्य

आरोपियों को फांसी पर लटकाया जाए

स्वतंत्रदेश,लखनऊ हाथरस के बाद अब उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर सियासत शुरू हो गई है। पांच दिन पहले आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में दुष्कर्म का शिकार बालिका को बीएचयू रेफर किया गया था। उसे पीडियाट्रिक सर्जरी की जरुरत थी। प्रशासन के अनुसार अब उसकी हालत में सुधार है। मंगलवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल बीएचयू पहुंचा। लेकिन पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। इस बात को लेकर पुलिस से कहासुनी भी हुई। वहीं, पीड़ित परिवार ने आरोपी को फांसी पर लटकाए जाने की मांग की है।

बीते बुधवार को आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र की बालिका के साथ हुआ था दुष्कर्म

कांग्रेस ने परिजनों को दिया भरोसा- हम आपके साथ हैं

जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने बताया कि बीएचयू के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। बच्ची की हालत ठीक नहीं होगी, इसलिए अंदर जाने से रोक दिया गया। बच्ची के पिता और दादा से मुलाकात हुई है। उन्होंने इलाज ठीक से होने की बात बताई है। कहा है कि जिसने बच्ची की जिंदगी बर्बाद कर दी। उसे कड़ी सजा मिले। सरकार उसे फांसी की सजा दिलवाए, ताकि बेटियों को देश में सुरक्षित होने का अहसास हो। सोमवार को सपा नेत्री शालिनी यादव ने पीड़ित बच्ची के परिवार वालों से मुलाकात की थी।

कुछ ही सेकड़ो में बड़ी खबरे

यह है पूरा मामला

जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 8 साल की बच्ची अक्सर पड़ोसी के घर खेलने जाया करती थी। बीते बुधवार को पड़ोसी युवक माशूक बच्ची को बहला-फुसलाकर घर से दूर अपने टेंट की दुकान में ले गया। जहां बच्ची के साथ दरिंदगी की। उसके बाद घर आकर बच्ची के कपड़ा भी ले गया। आरोपी ने तर्क दिया कि बच्ची मेरे घर पर नहाएगी। बच्ची आरोपी के घरवालों से काफी घुली-मिली थी। इसलिए कुछ भी गलत नहीं लगा। मां ने कपड़े दे दिए। लेकिन जब बच्ची नहाकर वापस आई तो वह खून से लथपथ थी।

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