उत्तर प्रदेशराज्य

सुप्रीम कोर्ट हाथरस की घटना पर संज्ञान ले

स्वतंत्रदेश,लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को कहा कि अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट इस संगीन प्रकरण का स्वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो यह बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस द्वारा हाथरस की दुष्कर्म दलित पीड़िता के शव को उसके परिवार को न सौंपकर उनकी मर्जी के बिना व उनकी गैर-मौजूदगी में ही कल आधी रात को अंतिम संस्कार कर देना लोगों में काफी संदेह व आक्रोश पैदा करता है। बीएसपी पुलिस के ऐसे गलत रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करती है।

बीएसपी ने पुलिस के गलत रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की बात कही

मायावती ने कहा, ‘अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट इस संगीन प्रकरण का स्वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो यह बेहतर होगा, वरना इस जघन्य मामले में यूपी सरकार व पुलिस के रवैये से ऐसा कतई नहीं लगता है कि पीड़िता की मौत के बाद भी उसके परिवार को न्याय व दोषियों को कड़ी सजा मिल पाएगी।’ बता दें कि हाथरस के चंदपा क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता 16 दिन बाद जिंदगी से जंग हार गई। उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे अंतिम सांस ली। रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस इस मामले में चारों आरोपितों को जेल भेज चुकी है। आरोपितों को फांसी देने की मांग को लेकर हाथरस में कई जगह प्रदर्शन हुए। इसके अलावा भी देश के कई हिस्सों में लोगों ने इंसाफ की मांग की।

वहीं, बवाल इस बात पर भी हो रहा कि पीड़िता का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन रात को ही करवा दी। अब योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी में डीआईजी चंद्र प्रकाश और आगरा पीएसी की सेनानायक पूनम सदस्य होंगे। सीएम ने एसआईटी को घटना की तह तक जाने और सात दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बताया कि घटना में शामिल चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीएम ने इनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए कहा है। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर इस मामले में बातचीत की।

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