उत्तर प्रदेशराज्य

बिहार के शराब तस्‍करों के लिए सेफ जोन बना गोरखपुर

बिहार में शराब बंदी के बाद हरियाणा से बड़े पैमाने पर अंग्रेजी शराब की तस्करी हो रही है। इस साल विधानसभा चुनाव होने की वजह से खपत बढ़ गई है। पिछले चार दिन के भीतर गीडा व चौरीचौरा इलाके में हरियाणा से बिहार जा रही शराब की खेप पकड़ी भी गई लेकिन हमेशा की तरह तस्‍कर निकल गए केवल कै‍रियर ही पुलिस के हाथ आए। दो साल के भीतर गोरखपुर में चार करोड़ से अधिक की शराब पकड़ी गई लेकिन तस्करों तक पुलिस कभी पहुंच नहीं पाई।

दो साल में बरामद हुई चार करोड़ की शराब, लेकिन हाथ नहीं आए तस्‍कर

हरियाणा से गोरखपुर के रास्ते बिहार तक दर्जनों जिलों से शराब लदी गाडिय़ां पार कराई जाती हैं। बिहार में शराब बंदी है जबकि यूपी में भी बाहर की शराब प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इन गाडिय़ों की जांच ना के बराबर होती है। दो साल के भीतर जिले की पुलिस शराब की 30 खेप पकड़ चुकी है। जिसकी कीमत चार करोड़ से अधिक बतायी जा रही है। हरियाणा निर्मित शराब पकडऩे के बाद पुलिस की कार्रवाई चालक और खलासी तक ही सिमट कर रह गई। उनसे पूछताछ में पता चला कि नोएडा, शामली और मेरठ के रास्ते हरियाणा निर्मित शराब यूपी में लाई जा रही है। गोरखपुर पहुंचने के बाद कुशीनगर और देवरिया के रास्ते यह शराब बिहार भेजी जाती है। लेकिन शराब तस्करों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

दो साल में बरामद हुई चार करोड़ की शराब, लेकिन हाथ नहीं आए तस्‍कर

हरियाणा से गोरखपुर के रास्ते बिहार तक दर्जनों जिलों से शराब लदी गाडिय़ां पार कराई जाती हैं। बिहार में शराब बंदी है जबकि यूपी में भी बाहर की शराब प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इन गाडिय़ों की जांच ना के बराबर होती है। दो साल के भीतर जिले की पुलिस शराब की 30 खेप पकड़ चुकी है। जिसकी कीमत चार करोड़ से अधिक बतायी जा रही है। हरियाणा निर्मित शराब पकडऩे के बाद पुलिस की कार्रवाई चालक और खलासी तक ही सिमट कर रह गई। उनसे पूछताछ में पता चला कि नोएडा, शामली और मेरठ के रास्ते हरियाणा निर्मित शराब यूपी में लाई जा रही है। गोरखपुर पहुंचने के बाद कुशीनगर और देवरिया के रास्ते यह शराब बिहार भेजी जाती है। लेकिन शराब तस्करों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

नेटवर्क से जुड़े पुलिसकर्मी पास कराते हैं गाड़ी

शराब तस्कर गिरोह से जुड़े पुलिसकर्मी रास्ते में पडऩे वाले थाना व चौकी प्रभारी से बात कर शराब लदे ट्रक पार कराते हैं। पुलिसवाले ही माफिया से बात करके कुछ गाडिय़ों को पकड़वा देते हैं, जिससे अधिकारियों को उनपर संदेह न हो। गोरखपुर परिक्षेत्र के 22 पुलिसकर्मी शराब तस्करी रैकेट से संपर्क रखने की वजह से शक के दायरे में हैं।

तीन थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा पकड़ी जाती है शराब

गोरखपुर में सहजनवां, गीडा और खोराबार थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा शराब लदी गाडिय़ां पकड़ी जाती हैं। इन तीनों थानाक्षेत्र में फोरलेन का एक बड़ा हिस्सा आता है।

शराब तस्करी रोकने के लिए जिले की पुलिस बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। इस अभियान में कई तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही बड़ी मात्रा में शराब भी बरामद हुई है। हरियाणा से बिहार तक शराब तस्‍करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

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