उत्तर प्रदेशराज्य

पुलिस के विरोध में महिलाओं का विधान भवन के सामने प्रदर्शन

राजधानी लखनऊ में शनिवार को विधान भवन के सामने समाजसेवी संगठनों की दर्जनभर महिलाओं ने पारा इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। आरोप है कि मुकदमें में लापरवाही बरती गई है। पारा थाने के एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। 

वहीं, प्रदर्शन की सूचना पर हजरतगंज महिला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में ले लिया। एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि महिलाओं से ज्ञापन ले लिया गया है, उन्हें इको गार्डेन भेजा गया है। 

ये है मामला 

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में महिलाओं ने पारा इलाके में 12 वर्ष की बालिका से 22 अगस्त को अली हसन व उसके साथियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना का मुद्दा प्रमुखतः से उठाया है। ज्ञापन में घटना के बाद बालिका के शव को आरोपितों द्वारा बड़ी नहर में फेंकने की बात कही गई है। आरोप है कि शव बरामद करने के बाद पारा पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। शव की डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा। अभी शव कहां है कुछ पता नहीं। 23 अगस्त को ग्रामीणों के विरोध में पारा एसएचओ गांव पहुंचे और दबाव बनाया। जातिसूचक गालियां दीं। उल्टा 50 ग्रामीणों पर एफआइआर दर्ज कर ली। 25 अगस्त को गांव की महिलाएं थाने पहुंची, दबाव देख उनका मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि पारा पुलिस का आरोपितों के साथ उठना-बैठना है, तभी उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

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