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रेलवे का नया चेहरा ‘दिखेगा’, 250 किमी की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की बढ़ेंगी रफ्तार

स्वतंत्रदेश,लखनऊलखनऊ में रेलवे का चेहरा बदलने वाली हाईटेक पहलों की रफ्तार अब और बढ़ने जा रही है। अनुसंधान, अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) न केवल ट्रैक रखरखाव में एआई तकनीक उतारने की तैयारी में है, बल्कि 250 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने वाली ट्रेनों पर भी तेजी से काम कर रहा है। एआई के इस्तेमाल से नाइट पेट्रोलिंग के दौरान कर्मचारियों को असुविधाएं नहीं होंगी। रेल हादसों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

ट्रेनों पर भी काम चल रहा

यह जानकारी आरडीएसओ के महानिदेशक उदय बोरवणकर ने शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित एक होटल में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) व आरडीएसओ की ओर से रेलवे में नवीन प्रौद्योगिकियों पर आयोजित सम्मेलन में दी। बोरवणकर ने बताया कि सेमी हाईस्पीड ट्रेनों पर अनुसंधान के साथ-साथ 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों पर भी काम चल रहा है। 

हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल जारी हैं और इसके लिए आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रैक स्पीड को 75 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है और अब इसे 200 किमी प्रति घंटा करने का लक्ष्य है। 

ऐसी नई बोगियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें दो हजार यात्रियों तक के सफर की क्षमता होगी। उन्नत सिग्नलिंग, संचार प्रणाली और एंटी-कोलिजन सिस्टम से रेलवे को और सुरक्षित बनाया जाएगा।

उद्योग जगत के लगभग 200 प्रतिनिधि शामिल 

अवध रेल इंफ्रा लिमिटेड के एमडी अभिषेक सर्राफ ने कहा कि अगले दो से तीन साल में 200 नई वंदे भारत, 100 अमृत भारत और 50 नमो भारत रैपिड ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी। साथ ही 17500 जनरल नॉन-एसी कोच बनाए जाएंगे। सम्मेलन के सह-अध्यक्ष रनीत राणा ने कहा कि हाल के वर्षों में रेलवे में हुई तेज प्रगति भविष्य को और उम्मीदों से भरती है। कार्यक्रम में उद्योग जगत के लगभग 200 प्रतिनिधि शामिल हुए।

झांसी मेट्रो की डीपीआर तैयार

यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने बताया कि झांसी मेट्रो की डीपीआर तैयार हो चुकी है। प्रयागराज में काम चल रहा है। गोरखपुर व मेरठ में भी मेट्रो यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ मेट्रो का सेकेंड फेज का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा।

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