उत्तर प्रदेशलखनऊ

पीएसी के जवानों को रिवर्ट करने का मामला

स्वतंत्रदेश,लखनऊ:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पीएससी के 900 जवानों के प्रमोशन में गैर जिम्मेदाराना निर्णय लेने वाले आईपीएस अफसर पीयूष आनंद को आखिरकार जांच के बाद 14 दिन बाद यूपी पुलिस के स्थापना के पद से हटा दिया गया। बीते 26 सितंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 14 दिन चली जांच के बाद एडीजी स्थापना को एडीजी रेलवे के पद पर तैनात किया गया उनके स्थान पर एडीजी संजय सिंघल को यूपी पुलिस स्थापना के पद पर तैनात किया गया है।

जांच के बाद एडीजी स्थापना पीयूष आनंद का तबादला उन्हें एडीजी रेलवे के पद पर तैनात कर दिया गया है

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के दिये थे निर्देश
बीते 26 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में पीएसी के 900 जवानों के प्रमोशन में गैरजिम्मेदार निर्णय लेने की जानकारी मिलने पर अफसरों को फटकार लगाई थी। सीएम के सामने जब यह पूरा केस आया, तब उन्होंने ऐसे गैर जिम्मेदार निर्णय लेने वाले अफसर पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। योगी ने कहा कि प्रमोशन की फाइल बिना शासन के संज्ञान में लाए हुए उस पर खुद से फैसला लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कराकर सख्त एक्शन लिया जाए।

जांच में दोषी पाए गए पीयूष आनंद को हटाया गया

उन्होंने डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी को सभी जवानों को प्रमोशन न देने और इसमें शामिल जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सीएम ने कहा था कि,इस तरीके के गैर जिम्मेदार निर्णय लेने से यूपी पुलिस के जवानों का मनोबल कम होता है। 14 दिन चली जांच के बाद दोषी पाए गए पीयूष आनंद को हटा दिया गया।

कोरोना महामारी के बीच रुका था पीएसी जवानों का प्रमोशन

पीएससी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 900 पीएसी जवानों के प्रमोशन की फाइल कोरोना महामारी से पहले डीजी स्थापना के यहां रुकी थी। इस बीच, अधिकारियों ने सभी प्रमोशन की फाइलों को रद्द करते हुए जवानों को यूपी पुलिस से पीएससी में वापस भेज दिया, जिसके बाद से पीएससी के 900 जवानों में असंतोष और निराशा बढ़ गई थी।

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