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90 हजार रुपये में बना दी पांच लाख वाली मशीन

स्वतंत्रदेश,लखनऊ :छत्तीसगढ़ के युवा किसान ने रसायन का छिड़काव करने वाली बेहद सस्ती और कारगर स्प्रे मशीन विकसित कर दिखाई है। इस प्रकार की स्प्रे मशीनों की कीमत बाजार में पांच लाख रुपये तक है, जबकि यह मशीन केवल 90 हजार रुपये में बना दी गई। अपनी खूबियों और कम कीमत के चलते इसकी मांग बढ़ गई है। किसान अब उद्योग स्थापित कर इसका उत्पादन कर रहा है।

रितेश का दावा है कि इस मशीन (टेक्नोस मिनी 2.0 मॉडल) की चौड़ाई मात्र 22 इंच है। यह देश में उपलब्ध सबसे कम चौड़ाई वाली स्प्रे मशीन है जो दोनों ओर पांच से छह फीट की दूरी तक छिड़काव करती है।

दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी निवासी किसान रितेश टांक ने नईदुनिया को बताया कि अपनी फसल में कीट प्रकोप होने पर दवाओं का छिड़काव करना दुरूह कार्य साबित होता था। बहुत परेशानी उठानी पड़ती। मजदूरों के माध्यम से या ट्रैक्टर के जरिये यह काम कराना पड़ता, जिसमें खर्च बहुत होता। बाजार में स्प्रे मशीन की कीमत पांच-छह लाख रुपये तक थी। ऐसे में खुद स्प्रे मशीन बनाने में जुट गए। करीब डेढ़ साल के प्रयास के बाद आखिरकार सफलता मिली और 90 हजार रुपये में कारगर मशीन तैयार कर दी।

अपनी सफलता से उत्साहित रितेश इतने पर रुके नहीं। छोटीसी फैक्ट्री डाली और दस लोगों को रोजगार देकर मशीन बनवाने लगे। कीमत इतनी ही रखी कि लागत निकल आए। आज इस स्प्रे मशीन की छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक मांग है। अब तक 300 से अधिक मशीनें बेच चुके हैं। बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर चुके रितेश ने बताया कि तीन साल पहले जब पढ़ाई पूरी करने के बाद कृषि कार्य में जुटे तो अपनी और दूसरे किसानों की उक्त समस्या को चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने बताया कि हैंड स्प्रे मशीन से एक मजदूर रोजाना एक एकड़ की फसल पर ही दवा का छिड़काव (स्प्रे) कर पाता है, जबकि उनकी बनाई मशीन से सात एकड़ तक की फसल पर आसानी से छिड़काव हो जाता है।

स्प्रेयर और टैंक को जिस छोटे ट्रैक्टरनुमा वाहन में रखकर चलाया जाता है, उसमें दो फारवर्ड और एक रिवर्स गियर हैं। पांच हॉर्स पावर वाला इंजन लगा है। इसे चलाने पर स्प्रेयर स्वयं चलने लगता है, जिससे छिड़काव होता है। स्प्रेयर और टैंक को वाहन से अलग कर वाहन का उपयोग छोटे-मोटे अन्य कृषि कार्यों में भी किया जा सकता है। रितेश ने इस मशीन का नाम टेक्नोस स्प्रे मशीन रखा है। वहीं, स्टार्टअप का नाम काशहित इनोवेशन है। इसे स्टार्टअप इंडिया और लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) के तहत पंजीकृत कराया है।

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रितेश का दावा है कि इस मशीन (टेक्नोस मिनी 2.0 मॉडल) की चौड़ाई मात्र 22 इंच है। यह देश में उपलब्ध सबसे कम चौड़ाई वाली स्प्रे मशीन है, जो दोनों ओर पांच से छह फीट की दूरी तक छिड़काव करती है। अलग-अलग क्षमता वाले ऐसे 11 मॉडल तैयार कर रहे हैं।

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