उत्तर प्रदेशराज्य

थ्री डी तकनीक से राम की पैड़ी पर जलेंगे दीप

उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या में कोविड संक्रमण को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट दीपोत्सव को पूरी भव्यता के साथ वर्चुअल तकनीक से मनाने की तैयारी है। जिससे कोविड संक्रमण में इसकी गाइड लाइंस का भी पालन हो सके। साथ ही भीड़ किसी आयोजन स्थल पर न जुटने पाए। वहीं यह सुझाव आया है कि राम जन्म भूमि परिसर में बाहरी लोगो का प्रवेश प्रतिबंधित है। ऐसे में यहां फोर्स के जवानों के अलावा मंदिर ट्रस्ट के लोगों को पूरे परिसर मे दीपोत्सव के आयोजन का अवसर इस साल के दीपोत्सव में मिल सकेगा।

अयोध्या में दशहरे के अवसर पर होने वाली ऐतिहासिक रामलीला और दीपावाली के मौके पर होने वाले दीपोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इनको लेकर प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में समीक्षा बैठक हुई।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दीपोत्सव को भी वर्चुअल तरीके से मनाने के लिए 3 डी तकनीक अपनाने का सुझाव दिया गया। बताया गया कि जिसमे मोबाइल स्क्रीन पर राम की पैड़ी पर वर्चुअल दीप जलने के साथ ऐसे दीप मे भी दिखेंगे। जिस पर घर बैठे लोग क्लिक करेंगे तो दीप जलते हुए दिखने लगेंगे। साथ ही जिस लिंक से यह दीप जलेंगे उसकी सूचना सीएम के पास पहुंच जाएगी और वहां से आन लाइन प्रमाण पत्र भी दीपोत्सव मे भागीदारी का जारी हो जाएगा।

वहीं दीपोत्सव के ज्वलंत आयोजन पर भीड़ बढ़ने के साथ कोविड गाइडलाइन के टूटने की भी समस्या रखी गई। यह भी बताया गया कि रामनवमी को रोकने के समय भी अयोध्या में भीड़ रोकने के समय काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जबकि उस समय कोविड का प्रकोप बहुत कम था।

ऐसे मे यह भी सुझाव दिया गया कि अयोध्या के मंदिरों के प्रबंधक अपने मंदिरों मे दीपोत्सव की रात्रि में दीप जलवाने की व्यवस्था करें। ऐसे 208 बड़े मंदिरो की सूची तैयार की गई है जो अपने मंदिरेा में भव्य तरीके से दीपोत्सव की व्यवस्था करने में सक्षम है। आर्थिक तौर पर कमजोर मंदिरों में दीपोत्सव समिति संस्कृति व सूचना पर्यटन आदि विभाग सरकारी सहयोग देकर दीप जलाने की व्यवस्था करेगें। सीएम की अनुमति के बाद अब जिला प्रशासन की रिपोर्ट शासन केा इस राम लीला के आयोजन को लेकर भेजी जाएगी। यह जानकारी प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी ने समीक्षा बैठक के बाद दी।

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