उत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ में कोरोना का संकट, 659 नए मरीज

स्वतंत्रदेश , लखनऊ |कोरोना का प्रकोप कायम है। हर रोज सैकड़ों मरीज संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अस्पताल के आइसीयू बेड फुल हो गए हैं। वहीं गुरुवार को 19 मरीजों ने इलाज के दरम्यान दम तोड़ दिया। इसमें लखनऊ शहर के 15 लोग शामिल हैं।

हर रोज सैकड़ों मरीज संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

बुधवार को सीएमओ की टीम ने 11 सौ से अधिक सैंपल जांच के लिए लैब भेजे। इसमें 659 मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है। ऐसे में शहर में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 49,620 हो गई है। पिछले तीन दिनों से मरीजों का ग्राफ एक हजार से कम रहा।

लिहाजा स्वास्थ्य अफसरों की चिंता की लकीरें कुछ कम हुईं। बावजूद सैकड़ों मरीज पाए जाने से अस्पतालों में आइसीयू बेडों की मारामारी बनी हुई है। अधिकतर अस्पताल में रात को आइसीयू बेड फुल हो गए। वहीं, 24 घंटे में राजधानी के 14 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। इसके अलावा 852 रोगियों ने वायरस से जंग जीतने में कामयाबी हासिल की है। कांटेक्ट ट्रेसिंग में 11754 लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

आशियाना में 23, इंदिरा नगर में 49, आलमबाग में 26, ठाकुरगंज में 19, तालकटोरा में 24, हसनगंज में 13, गोमती नगर में 59, हजरतगंज में 25, मड़ियांव में 13, रायबरेली रोड के 32, अलीगंज में 21, जानकीपुरम में 10, महानगर में 17, कैंट में 19, चौक में 38, चिनहट में 27, नाका में 12, विकासनगर में 26, बाजारखाला 15, सरोजनीनगर 18, वृन्दावन योजना 15, गोमतीनगर विस्तार 12, पारा, गुडम्बा में 11, तेलीबाग में 12, सुशान्त गोल्फ सिटी में 12, काकोरी में 10 मरीज कोरोना के पाए गए।

शहर में कोरोना मरीजों के लिए आइसीयू के 360 बेड सरकारी व निजी अस्पतालों में हैं। इसमें लोहिया संस्थान में 20, पीजीआइ में 80 व केजीएमयू में 122 बेड हैं। यह सभी शाम को फुल हो गए। छह बजे तक निजी में छह बेड खाली थे। ऐसे में गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल में पैसा देकर इलाज कराने का ही विकल्प बचा। वहीं इन बेडों के लिए भी मारामारी रही।

बलरामपुर अस्पताल में लगभग 40 बेड की इमरजेंसी है। शाम को सभी बेड फुल हो गए। वहीं वार्ड में मरीजों की शिफ्टिंग हो लेकर भी हीलाहवाली होती रही। लिहाजा, भर्ती के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। कई मरीज दूसरे अस्पतालों में चक्कर लगाने को मजबूर हुए।

 

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