कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार में मिलेगी मदद तीसरा विद्युत शवदाह गृह
अब शहर में तीसरा विद्युत शवदाह गृह काम करने लगेगा। गुल्लाला घाट में यह शवदाह गृह तैयार हो गया है और संभावना है कि मंगलवार से यह काम करने लगेगा। कोरोना संक्रमित शव की अंतिम संस्कार करने में मदद मिल सकेगी। अभी भैसाकुंड में दो विद्युत शवदाह गृह हैं लेकिन हर दिन 25 से 30 शव आने से दूर खड़े परिजनों को इंतजार करना पड़ता है। शनिवार रात दो बजे तक शवों का अंतिम संस्कार होता रहा। करीब तीस शव कोरोना संक्रमित लाए गए थे।
गुल्लाला घाट में लगाया गया तीसरा विद्युत शवदाह गृह। कोरोना संक्रमित मरीज के अंतिम संस्कार में मिलेगी मदद।
वैसे सामान्य दिनों में भी करीब दस शव विद्युत शवदाह गृह में आते थे। इसमे लावारिश शव अधिक होते हैं। यहां अंतिम संस्कार की नि:शुल्क व्यवस्था है। नगर अभियंता-छह एसएफए जैदी ने बताया कि गुल्लाला घाट में विद्युत शवदाह गृह तैयार हो गया है। मंगलवार से इसको चालू करने की तैयारी है।
लंबे समय से था इंतजार
महापौर कार्यकाल में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने नगर निगम सदन से यह निर्णय कराया था कि गुल्लाला घाट में विद्युत शवदाह गृह लगाया जाएगा। उन्होंने जमीन का भी इंतजाम कराया था। अब गुल्लालाघाट पर विद्युत शवदाह गृह बन जाने से पुराने शहर से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भैसाकुंड नहीं आना पड़ेगा। डा. दिनेश शर्मा ने ही अपने महापौर कार्यकाल में विद्युत शवदाह गृह में नि:शुल्क अंतिम सरकार का निर्णय लिया था।
पर्यावरण की भी रक्षा होगी
तीसरा विद्युत शवदाह गृह का उपयोग बढऩे से पर्यावरण की भी रक्षा हो सकेगी। लकड़ी की खपत कम होगी। लॉकडाउन के समय लकड़ी न मिल पाने के कारण भी लोगों को तीसरा विद्युत शवदाह गृह का ही उपयोग करना पड़ता था। हर दिन शहर के श्मशानघाटों पर बड़े पैमाने पर लकड़ी का उपयोग अंतिम संस्कार में होता है।