उत्तर प्रदेश

शहर वाराणसी में कोरोना से नहीं डर रहे हैं‚ लाखों रूपए जुर्माना भर रहे हैं

एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना से जागरुकता के लिए लोगों को सोशल मीडिया से लेकर विभिन्‍न मंचों पर लोगों को समझाबुझा रहे हैं वहीं दूसरी ओर उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिले में कोरोना ग्रसित लोगों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि लोग जान की परवाह किए बगैर सड़कों पर बगैर मास्क के चल रहे हैं। बिना मास्क के चलने वालों से पुलिस जुर्माना भी वसूल रही है बावजूद इसके लोग जुर्माना तो भर दे रहे हैं लेकिन मास्‍क लगाने में कोताही रहे हैं।

वाराणसी पुलिस की सोशल मीडिया सेल द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट पर नजर डालें तो प्रतिदिन औसतन दो हजार से अधिक व्यक्तियों से मास्क ना लगाने के चलते जुर्माना वसूला जाता है। अगस्त महीने की बात करें तो महीने भर में बगैर मास्क के घूम रहे 75353 लोगों से 51 लाख 42 हजार 400 रूपया जुर्माना वसूला गया। वहीं 19 अगस्त को एक दिन में सर्वाधिक 4326 व्यक्तियों से 3 लाख 28 हजार 500 रूपया जुर्माना वसूला गया था। वहीं वाहनों से वसूले जाने वाले समन शुल्क की बात करें तो महिने भर में 7540 वाहनों से 61 लाख 67 हजार 100 रुपए वसूले गए, जिसमें 28 अगस्त को सर्वाधिक 574 वाहनों से 5 लाख 57 हजार 750 रूपए वसूले गए थे। यह आंकड़े बताते हैं कि काशी के लोग कोरोना की प्रति अभी भी गंभीर नहीं है और यही स्थिति रही तो आगे समस्यायें और बढ़ सकती हैं।

आखिर कैसे लगेगा इनपर लगाम

आंकड़ों पर गौर करें तो एक अगस्त को जहां 1 लाख 43 हजार जुर्माना वसूला गया था वहीं 31 अगस्त को 5 लाख 5 हजार 250 रूपए जुर्माना वसूला गया। लोगों की बढ़ती संख्या से साफ हो जाता है कि काशी के लोगों पर जुर्माने का कोई खास असर नहीं पड़ रहा है बात अलग है कि लोगों की जेब खाली हो रही है और सरकारी कोष में धन आ रहा है लेकिन चिंता का विषय यह है कि बगैर मास्क के घूमने वाले लोगों पर लगाम कैसे लगाया जाए। जिससे वैश्विक महामारी कोरोना के फैलते हुए संक्रमण को जिले में फैलने से रोका जा सके।

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