अन्तर्राष्ट्रीय

अदालतों में खारिज होते जा रहे चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप

स्वतंत्रदेश,लखनऊ :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए अदालतों में मुकदमें दाखिल कर रहे हैं लेकिन उनके हाथ कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप कैंपेन चुनाव में धोखाधड़ी के अपने आरोपों के पक्ष में मजबूत सबूत पेश नहीं कर पा रही है नतीजतन उनकी कानूनी चुनौतियों यानी मुकदमों को न्यायाधीश लगातार खारिज करते जा रहे हैं।

ट्रंप कैंपेन की ओर से चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए अदालतों में दाखिल मुकदमें मजबूत सबूत के अभाव में लगातार खारिज होते जा रहे हैं।

कानून के जानकारों का मानना है कि चुनाव में धोखाधड़ी जैसा कुछ नहीं हुआ है और ट्रंप बिना वजह सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को जनवरी में पदभार संभालने से रोकने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते एक दिन के भीतर ट्रंप कैंपेन तीन राज्यों में चुनाव परिणामों के प्रमाण-पत्र को रोकने को लेकर दाखिल मुकदमें हार गए या इन्‍हें अदालतों ने खारिज कर दिया।

एरिजोना में अदालत ने बीते गुरुवार को रिपब्लिकन की ओर से चुनाव नतीजों के प्रमाण-पत्र को टालने की मांग करने वाले मुकदमे को खारिज कर दिया। यही नहीं जॉर्जिया की अदालत ने भी इसी तरह की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी। मिशिगन में तो ट्रंप कैंपेन ने अपना मुकदमा ही वापस ले लिया। नेवाडा में भी ट्रंप कैंपेन ने चुनाव नतीजों के विजेता घोषित करने पर रोक लगाने को कहा है लेकिन यहां भी उम्‍मीद धुंधली नजर आती है…

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि बड़ी दवा कंपनियों ने चुनाव के दौरान लाखों डॉलर खर्च करके उनके खिलाफ नकारात्मक विज्ञापन चलवाए थे

Related Articles

Back to top button